Get A Quote

UPVC दरवज़ा और खिड़क़ी क़ीमतें 2026 - पूर्ण ख़रीद गाइड

UPVC दरवज़ा और खिड़क़ी क़ीमतें 2026

परिचय

उपवीसी (uPVC) दरवाज़ा और खिड़की भारतीय घरों में तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं क्योंकि ये टिकाऊ, रखरखाव में आसान और किफायती विकल्प प्रदान करती हैं। 2026 में कच्चे माल की कीमतों में मामूली वृद्धि के कारण कुछ कीमतें ऊपर गई हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह विकल्प अभी भी कांच और लकड़ी के परम्परागत विकल्पों से सस्ता है। इस लेख में हम विभिन्न प्रकार, मूल्य, प्रमुख ब्रांड, ऊर्जा दक्षता और खरीदने के टिप्स को विस्तृत रूप से प्रस्तुत करेंगे। ताकि आप अपने घर या प्रोजेक्ट के लिए सबसे उपयुक्त उपवीसी समाधान चुन सकें।

संबंधित: निर्माण सामग्री की गाइड

उपवीसी दरवाज़ा और खिड़की के प्रकार

उपवीसी खिड़कियों के मुख्य प्रकार में सिंगल ग्लेज़्ड, डबल ग्लेज़्ड, स्लाइडिंग, केसमेंट और फ्रेंच खिड़कियां शामिल हैं। दरवाज़ों में मुख्य रूप से स्लाइडिंग, फोल्डिंग, पिवट और सिंगल पैनल डिज़ाइन पाए जाते हैं। प्रत्येक प्रकार की अपनी विशेषताएं और उपयोगिता होती है, जिसे स्थान, जलवायु और बजट के हिसाब से चुना जाता है। नीचे दी गई तालिका में प्रकार अनुसार औसत कीमतें दर्शाई गई हैं।

प्रकारऔसत कीमत (Rs. प्रति वर्ग फुट)
सिंगल ग्लेज़्ड खिड़की800 - 1,200
डबल ग्लेज़्ड खिड़की1,200 - 1,800
स्लाइडिंग खिड़की1,100 - 1,600
केसमेंट खिड़की1,200 - 1,700
फ्रेंच खिड़की1,500 - 2,200
स्लाइडिंग दरवाज़ा1,300 - 2,000
पिवट दरवाज़ा1,500 - 2,300

सिंगल ग्लेज़्ड खिड़कियां मुख्यतः प्रकाश के लिए उपयोग की जाती हैं और उनका थर्मल इंसुलेशन कम होता है। डबल ग्लेज़्ड में दो कांच की परतों के बीच गैस भराव होता है, जिससे ऊर्जा बचत और शोर में कमी आती है। स्लाइडिंग और केसमेंट खिड़कियां बड़े खुले स्थानों में वेंटिलेशन के लिए बेहतरीन विकल्प हैं। फ्रेंच खिड़कियां अक्सर लिविंग रूम और बड़े बालकनी में एस्थेटिक और प्रकाश दोनों को बढ़ाती हैं।

2026 में कीमतें - प्रकार अनुसार विस्तृत विवरण

2026 में उपवीसी की कीमतें मुख्यतः कच्चे माल, जैसे पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) और अल्यूमीनियम प्रोफ़ाइल, के बाजार मूल्य पर निर्भर करती हैं। सिंगल ग्लेज़्ड खिड़कियों की कीमतें आमतौर पर 800 से 1,200 Rs. प्रति वर्ग फुट के बीच रहती हैं, जबकि डबल ग्लेज़्ड में 1,200 से 1,800 Rs. तक पहुँच सकती हैं। स्लाइडिंग और केसमेंट खिड़कियों की कीमतें आकार और फ्रेम की मोटाई के आधार पर 1,100 से 1,700 Rs. तक बदलती हैं।

फ्रेंच खिड़कियों में दो पैनल और अक्सर अतिरिक्त हार्डवेयर शामिल होते हैं, इसलिए इनकी कीमत 1,500 से 2,200 Rs. प्रति वर्ग फुट तक हो सकती है। दरवाज़ों में स्लाइडिंग मॉडल की कीमत 1,300 से 2,000 Rs. और पिवट या फोल्डिंग मॉडल की कीमत 1,500 से 2,300 Rs. के बीच रहती है। ये कीमतें शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकती हैं, मुंबई और दिल्ली जैसे मेट्रो क्षेत्रों में 10-15% अधिक हो सकती हैं।

प्रमुख ब्रांड और उनकी विशेषताएं

भारतीय बाजार में कई स्थापित उपवीसी ब्रांड उपलब्ध हैं, जिनमें Zen, Indian uPVC, Techno, uPVC India और Fenesta प्रमुख हैं। प्रत्येक ब्रांड विभिन्न मूल्य वर्ग और तकनीकी सुविधाएं प्रदान करता है, जिससे ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार चयन कर सकते हैं। नीचे दी गई तालिका में इन ब्रांडों की सामान्य मूल्य सीमा और मुख्य विशेषताओं का सारांश दिया गया है।

ब्रांडकीमत सीमा (Rs. प्रति वर्ग फुट)मुख्य विशेषताएं
Zen1,000 - 1,600मध्यम मोटाई, दोहरी गैस भराव, 10 साल वारंटी
Indian uPVC800 - 1,300बजट फ्रेम, सिंगल ग्लेज़्ड विकल्प, 5 साल वारंटी
Techno1,300 - 2,000उच्च ताप प्रतिरोध, एंटी-UV कोटिंग, 12 साल वारंटी
uPVC India1,100 - 1,800मॉड्यूलर डिजाइन, ध्वनि अवरोधक पैनल, 8 साल वारंटी
Fenesta1,500 - 2,300प्रिमियम डबल ग्लेज़्ड, थर्मल ब्रेक, 15 साल वारंटी

ब्रांड चयन करते समय मूल्य के साथ-साथ फ्रेम की मोटाई, गैस भराव की गुणवत्ता, कोटिंग की टिकाऊपन और वारंटी अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। उदाहरण के तौर पर, यदि आप उच्च ऊर्जा दक्षता चाहते हैं तो Fenesta या Techno जैसे प्रीमियम ब्रांड उपयुक्त हो सकते हैं। वहीं बजट पर फोकस करने वाले ग्राहक Indian uPVC या Zen के विकल्प देख सकते हैं। प्रत्येक ब्रांड की आफ्टर-सेल्स सपोर्ट और स्थानीय सेवा नेटवर्क भी निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ऊर्जा दक्षता, शोर नियंत्रण और अन्य लाभ

उपवीसी खिड़कियां और दरवाज़े थर्मल इंसुलेशन में उत्कृष्ट होते हैं, जिससे सर्दियों में हीटिंग और गर्मियों में एसी की लागत घटती है। डबल ग्लेज़्ड पैनल में दो कांच की परतों के बीच एर्गॉन या इनीयॉन गैस भराव होने से गर्मी का प्रवाह कम होता है और ऊर्जा बचत में 30-40% तक सुधार मिलता है। शोर नियंत्रण के मामले में उपवीसी फ्रेम और दोहरी कांच का संयोजन बाहरी शोर को 20-25 डेसिबल तक कम कर सकता है।

इसके अलावा, उपवीसी में फंगस, जंग और腐敗 नहीं होता, जिससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फ्रेम का रंग और फिनिश कई विकल्पों में उपलब्ध है, जिससे घर के एस्थेटिक लुक को बढ़ाया जा सकता है। कुछ प्रीमियम ब्रांड में एंटी-UV कोटिंग भी दी जाती है, जो सूर्य की तेज़ रोशनी से अंदरूनी फर्नीचर को बचाती है। इन सभी फायदों के कारण उपवीसी को आज के पर्यावरण-सचेत गृहस्वामियों में पसंद किया जा रहा है।

रखरखाव और सफाई टिप्स

  • नियमित रूप से नरम कपड़े और हल्के साबुन वाले पानी से फ्रेम और कांच को साफ करें।
  • किसी भी कठोर रसायन या एब्रेसिव क्लीनर का उपयोग न करें, क्योंकि इससे फ्रेम की सतह पर स्क्रैच हो सकता है।
  • सर्दियों में फ्रेम पर जमा हुई बर्फ या धुंध को मुलायम ब्रश से हटाएं, ताकि जलरोधक सील में नुकसान न हो।
  • हर 2-3 साल में गैस भराव की जांच कराएं और यदि आवश्यक हो तो पुनः भराव करवाएं।
  • डोर और विंडो के हिंगे तथा ट्रैक को लुब्रिकेंट से चिकना रखें, ताकि सुगम संचालन बना रहे।

रखरखाव में सबसे प्रमुख बात यह है कि किसी भी क्षति को जल्द पहचानें और मरम्मत कराएं, क्योंकि छोटे-छोटे फटने या सील में लीकेज बड़े खर्च में बदल सकते हैं। यदि फ्रेम पर पेंट का फट होना देखा जाए तो तुरंत टच-अप कराएं, ताकि धातु के संपर्क में पानी न आए। नियमित निरीक्षण से आप दीर्घकालिक उपयोग में लागत बचा सकते हैं और उपवीसी की जीवनकाल को 20 साल से अधिक बढ़ा सकते हैं।

स्थापना प्रक्रिया - क्या ध्यान दें

  • स्थापना से पहले सभी माप को सटीक रूप से ले लें, क्योंकि छोटी सी त्रुटि भी फ्रेम में गैप पैदा कर सकती है।
  • फ्रेम को स्थापित करने से पहले दीवार की सतह को समतल और साफ रखें, ताकि सीलिंग सही हो।
  • उपवीसी की थर्मल ब्रेक को सही दिशा में रखें; इस बात का ध्यान रखें कि गर्मी की दिशा को उलटा न किया जाए।
  • सीलेंट लगाते समय उच्च गुणवत्ता वाले सिलिकॉन या PU सीलेंट का उपयोग करें, जिससे जलरोधकता बनी रहे।
  • स्थापना के बाद सभी हिंगे, ट्रैक और लॉकिंग सिस्टम को सही ढंग से टेस्ट करें, ताकि कोई लीक या ढीलापन न रहे।

स्थापना के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, क्योंकि प्रोफ़ाइल को काटते समय तेज़ उपकरणों का उपयोग किया जाता है। यदि आप DIY नहीं करना चाहते तो प्रमाणित इंस्टालर या ब्रांड के अधिकृत डीलर से काम करवाना बेहतर रहेगा। सही इंस्टालेशन न केवल ऊर्जा दक्षता को बढ़ाता है, बल्कि वारंटी क्लेम में भी मदद करता है। अक्सर ब्रांड वारंटी केवल प्रमाणित इंस्टालर द्वारा किए गए काम पर ही लागू होती है।

वारंटी और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट

  • अधिकांश प्रमुख ब्रांड फ्रेम पर 5 से 15 साल तक की वारंटी देते हैं, जबकि ग्लास और गैस भराव पर अलग वारंटी लागू हो सकती है।
  • वारंटी में फ्रेम का विकृति, रंग फेड होना और सीलिंग में लीकेज शामिल होते हैं, लेकिन सामान्य घिसाव-पिटाई वारंटी में नहीं आती।
  • ब्रांड की आधिकारिक वेबसाइट या ग्राहक सेवा केंद्र से वारंटी क्लेम प्रक्रिया को समझें और सभी आवश्यक दस्तावेज़ तैयार रखें।
  • अधिकांश ब्रांड सालाना या दो साल में मुफ्त सर्विस चेक-अप प्रदान करते हैं, जिससे समस्या का शीघ्र पता चल सके।
  • आफ्टर-सेल्स सपोर्ट नेटवर्क का विस्तार भी एक महत्वपूर्ण मानदंड है; निकटतम सर्विस सेंटर की उपलब्धता जांचें।

वारंटी का लाभ तभी मिल पाता है जब इंस्टालेशन प्रमाणित तकनीशियन द्वारा किया गया हो और सभी रखरखाव निर्देशों का पालन किया गया हो। यदि आप स्थानीय वितरक से खरीदते हैं तो वारंटी की शर्तों को लिखित रूप में प्राप्त करना आवश्यक है। कभी-कभी ब्रांड विशेष प्रमोशन के तहत अतिरिक्त वारंटी या मुफ्त अपग्रेड भी देते हैं, इसलिए खरीद से पहले ऑफ़र को जांचना फायदेमंद रहेगा।

सही uPVC दरवाज़ा और खिड़की चुनने के टिप्स

  • अपने घर के जलवायु और दिशा को समझें; गर्मी वाले क्षेत्रों में डबल ग्लेज़्ड और थर्मल ब्रेक वाली खिड़कियां बेहतर हैं।
  • बजट के अनुसार ब्रांड चुनें, लेकिन केवल कीमत से नहीं, फ्रेम की मोटाई और गैस भराव की गुणवत्ता को भी देखें।
  • ऊर्जा दक्षता प्रमाणपत्र (IEER) और ध्वनि प्रतिरोध रेटिंग की जाँच करें, यदि आप ऊर्जा बचत या शोर नियंत्रण चाहते हैं।
  • स्थापना की सुविधा को ध्यान में रखें; बड़े आकार की खिड़की या दरवाज़ा चुनते समय उचित ट्रैक और हार्डवेयर की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
  • वारंटी अवधि और आफ्टर-सेल्स सेवा को प्राथमिकता दें, क्योंकि दीर्घकालिक उपयोग में यह सबसे बड़ा खर्च बचाव कारक बनता है।

उपवीसी उत्पाद चुनते समय हमेशा कई कोटेशन प्राप्त करें और मूल्य में शामिल सभी घटकों, जैसे फिक्सिंग हार्डवेयर, ट्रांसपोर्ट और इंस्टालेशन शुल्क, को तुलना में रखें। यदि संभव हो तो पहले स्थापित प्रोजेक्ट का साइट विज़िट करें, ताकि वास्तविक गुणवत्ता और फिनिश का मूल्यांकन किया जा सके। अंत में, अपने घर के एस्थेटिक डिज़ाइन को ध्यान में रखकर रंग और फिनिश का चयन करें, जिससे इंटीरियर और एक्सटीरियर दोनों में सामंजस्य बना रहे।

निष्कर्ष

2026 में उपवीसी दरवाज़ा और खिड़की कीमतें विभिन्न प्रकार, ब्रांड और विशेषताओं के आधार पर व्यापक रूप से बदलती हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह विकल्प किफायती, टिकाऊ और ऊर्जा-संचित है। सही प्रकार, उचित ब्रांड, सही इंस्टालेशन और नियमित रखरखाव से आप न केवल आरामदायक रहने का माहौल बना सकते हैं, बल्कि ऊर्जा बिल में भी महत्वपूर्ण बचत कर सकते हैं। इस गाइड में प्रस्तुत जानकारी को ध्यान से पढ़ें और अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें। ऐसा करने से आपका घर न केवल आधुनिक दिखेगा, बल्कि दीर्घकालिक निवेश के रूप में भी फल देगा।

संबंधित: घर की रीमॉडेलिंग टिप्स

संबंधित: बिल्डिंग गाइड्स और मानक

Know more

uPVC Doors and Windows is used when